জব্ শিব কা ডমরূ বোলেগা
Jab Shiv ka Damru Bolega
Text in देवनागरी script
Devotional text
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यहाँ भगवान शिव का यह सुंदर भजन हिंदी और हिंग्लिश (Hinglish) दोनों में दिया गया है:
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जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगातेरे कर्मो का सारा खाता महादेव के आगे खोलेगा जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा ये डमरू तेरे पास में है हर धड़कन में हर साँस में हैइसे सब है पता के मन किसका किस प्यास में है किस आस में हैविश्वाश है कितना शिव में तुझे ये मैं को तेरे टटोरेगा जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा ये डमरू शिव का है प्यारे इसने देखे है युग सारे डमरू प्यारा है भोले का भोले डमरू के है प्यारे वो निश्चय मुक्ति पायेगा जो डमरू के संग बम बम बोलेगा जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा लक्खा की बात रवि ध्यान से सुन इस डमरू में है गुण ही गुण माँ पारवती ये कहती है जब डमरू बजे तो शुभ हो शगुन डमरू की बात जो समझ ले वो जग में कभी न डोलेगा जब शिव का डमरू बोलेगा तेरा पाप पुण्य सब टोलेगा
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आपके वर्डप्रेस ब्लॉग की SEO (Search Engine Optimization) को ध्यान में रखते हुए, इस भजन का भावार्थ (Meaning) यहाँ एक ब्लॉग पोस्ट के फॉर्मेट में तैयार किया गया है। आप इसे सीधे अपने ब्लॉग पर कॉपी-पेस्ट कर सकते हैं। इसमें मुख्य कीवर्ड “Jab Shiv ka Damru Bolega” का स्वाभाविक रूप से उपयोग किया गया है ताकि यह गूगल सर्च में अच्छी रैंक कर सके।
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भगवान शिव के भक्तों के बीच “Jab Shiv ka Damru Bolega” (जब शिव का डमरू बोलेगा) एक बेहद लोकप्रिय और ऊर्जा से भर देने वाला भजन है। यह भजन हमें जीवन की सच्चाई, कर्मों के फल और भगवान शिव की अपार महिमा का स्मरण कराता है। आइए, इस अद्भुत भजन के एक-एक पद का सरल हिंदी में भावार्थ समझते हैं।
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भावार्थ (Meaning):इस पंक्ति में कहा गया है कि जब प्रलय काल या न्याय के समय भगवान शिव (महादेव) का डमरू बजेगा, तब मनुष्य के जीवन भर के पाप और पुण्य का हिसाब किया जाएगा। आपने अपने जीवन में जो भी अच्छे या बुरे कर्म किए हैं, उन सभी का पूरा बही-खाता (Record) स्वयं महादेव के सामने खुल जाएगा। इसलिए मनुष्य को हमेशा सत्कर्म करने चाहिए।
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भावार्थ (Meaning):भोलेनाथ का यह डमरू कहीं दूर नहीं, बल्कि हमारी हर धड़कन और हर साँस में बसा हुआ है। हमारी अंतरात्मा ही वह डमरू है जो सब जानती है कि हमारे मन में क्या लालसा है, हम क्या पाना चाहते हैं और हमारी नीयत कैसी है। जब समय आएगा, तो यह डमरू आपके अहंकार (मैं) को खत्म करके यह परखेगा कि आपको भगवान शिव पर कितना सच्चा विश्वास है।
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भावार्थ (Meaning):भगवान शिव का यह डमरू अनादि काल से है और इसने सतयुग से लेकर कलियुग तक सारे युग देखे हैं। शिवजी को अपना डमरू अत्यंत प्रिय है और डमरू को शिवजी। जो भी भक्त सच्चे मन से शिव के डमरू की ताल से ताल मिलाकर ‘बम बम भोले’ का जाप करेगा, उसे निश्चित रूप से जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति (मोक्ष) मिल जाएगी।
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भावार्थ (Meaning):भजन के अंत में गायक (लक्खा जी) कहते हैं कि इस डमरू की महिमा अनंत है और यह अनगिनत गुणों से भरा है। स्वयं माता पार्वती भी कहती हैं कि जब शिव का डमरू बजता है, तो वह अत्यंत शुभ और मंगलकारी शगुन होता है। जो व्यक्ति शिव के डमरू (यानी शिव के ज्ञान और जीवन की सच्चाई) को समझ लेता है, उसका मन इस मोह-माया वाले संसार में कभी नहीं भटकता (डोलेगा) और वह हमेशा स्थिर रहता है।
About this bhajan — Shiva
Devotional recitation is one of the simplest and most powerful practices in the Hindu tradition. Regular chanting calms the mind, purifies the atmosphere of the home, and deepens one’s connection with the deity. These sacred compositions have been sung by devotees for generations and are suitable for daily practice, during morning or evening puja, or on special festival days.
How to chant
Sit comfortably facing your home altar or a clean, quiet space. Light a lamp or incense if you wish. Begin with a short prayer to Ganesha, then recite the text slowly and clearly, focusing on the meaning rather than speed. Consistency matters more than duration — even five minutes of daily chanting brings visible peace of mind.