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नेपालीदेवनागरी script

मई अलख् जगाऊं तोरे द्वारे पे

Mai alkh jagaun tore dware pe

Viewing in नेपाली · देवनागरी script

Verse 1

माई अलख जगाऊं – देवी जस (Lyrics in Hindi)मुखड़ा (Chorus):माई अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ

ओ माँ अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।माई अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ

ओ माँ अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।

Verse 2

अंतरा 1:अरे रोम रोम को रे माता

आओ तुम्हें ही तपती

भाग्यविधाता।सारा जगत तोरे गूंजेगा

सारा जगत तोरे गूंजेगा।माई अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ

ओ माँ अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।

Verse 3

अंतरा 2:करौली वाली माता

अमृत बरसे माता

ओ ज्वाला मैया तोरे द्वारे पे।दे देवी दर्शन करौली वाली

करौली वाली माई अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।ओ माँ अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।

Verse 4

अंतरा 3:भगत तोरे द्वार खड़े

भगत तोरे द्वार खड़े

देवी मैया चढ़ाऊं चोली

चढ़ाऊं चोली दादा साहेब।तोरे द्वार खड़ी मैया

तोरे द्वार खड़ी मैया

दे देवी दर्शन, माई अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।ओ माँ अलख जगाऊं तोरे द्वारे पे हो माँ।

Verse 5

विवरण (Description)यह गीत माता के प्रति अनन्य भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। ‘अलख जगाना’ का अर्थ है ईश्वर के नाम का आह्वान करना या जागृति फैलाना। इस जस गीत में भक्त माता करौली और ज्वाला देवी के द्वार पर खड़े होकर उनसे दर्शन की गुहार लगा रहा है। गीत में माता को ‘भाग्यविधाता’ कहा गया है, जिनके नाम की गूँज पूरे संसार में है। भक्त माता को चुनरी और चोली अर्पित करने की मन्नत मांगते हुए उनके प्रति अपना पूर्ण समर्पण व्यक्त करता है।

Verse 6

आभार (Courtesy)गायक: संतोष सिंह ठाकुर

Verse 7

संगीत लेबल: जैन म्यूजिक (Jain Music)

Verse 8

मूल स्रोत: यूट्यूब – माई अलख जगाऊं

About this bhajan — Durga

Devotional recitation is one of the simplest and most powerful practices in the Hindu tradition. Regular chanting calms the mind, purifies the atmosphere of the home, and deepens one’s connection with the deity. These sacred compositions have been sung by devotees for generations and are suitable for daily practice, during morning or evening puja, or on special festival days.

How to chant

Sit comfortably facing your home altar or a clean, quiet space. Light a lamp or incense if you wish. Begin with a short prayer to Ganesha, then recite the text slowly and clearly, focusing on the meaning rather than speed. Consistency matters more than duration — even five minutes of daily chanting brings visible peace of mind.

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