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सुख कर्ता दुःख हर्ता वार्ता विघ्नाची

Sukh Karta Dukh Harta Varta Vighnachi

Text in देवनागरी script

Devotional text

Verse 1

श्री सिद्धिविनायक मंत्रॐ …………………..वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ ।निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ॐ………….

Verse 2

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची

नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची

सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची

कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती

दर्शनमात्रे मन कामना पुरती

जय देव जय देव ॥

Verse 3

रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा

चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा

हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा

रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती

दर्शनमात्रे मनकामना पुरती

जय देव जय देव ॥

Verse 4

लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना

सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना

दास रामाचा वाट पाहे सदना

संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती

दर्शनमात्रे मनकामना पुरती

जय देव जय देव ॥

Verse 5

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको

दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको

हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको

महिमा कहे न जाय लागत हूं पदको

जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता

जय देव जय देव ॥

Verse 6

अष्टौ सिद्धि दासी संकट को बैरि

विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी

कोटीसूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी

गंडस्थलमदमस्तक झूले शशि गहरी

जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता

जय देव जय देव ॥

Verse 7

भावभगत से कोई शरणागत आवे

संतत संपत सबही भरपूर पावे

ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे

गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे

जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता

जय देव जय देव ॥

Verse 8

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची

नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची

सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची

कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची

जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती

दर्शनमात्रे मन कामना पुरती

जय देव जय देव ॥

About this bhajan — Ganesha

Devotional recitation is one of the simplest and most powerful practices in the Hindu tradition. Regular chanting calms the mind, purifies the atmosphere of the home, and deepens one’s connection with the deity. These sacred compositions have been sung by devotees for generations and are suitable for daily practice, during morning or evening puja, or on special festival days.

How to chant

Sit comfortably facing your home altar or a clean, quiet space. Light a lamp or incense if you wish. Begin with a short prayer to Ganesha, then recite the text slowly and clearly, focusing on the meaning rather than speed. Consistency matters more than duration — even five minutes of daily chanting brings visible peace of mind.

hindibhajan